आप अपने स्तम्भ के लिए गेब्रिएल गार्सिया मारखेज से शीर्षक तभी चुरा सकते हैं जब आप लापरवाह, यहां तक कि गुस्ताख़ और थोड़े सनकी भी हों. और हकीकत यह है कि हम पत्रकार लोग आम तौर पर तीनों होते हैं. इन और दूसरी कमजोरियों के लिए आम तौर पर अगरContinue Reading

आप अपने स्तम्भ के लिए गेब्रिएल गार्सिया मारखेज से शीर्षक तभी चुरा सकते हैं जब आप लापरवाह, यहां तक कि गुस्ताख़ और थोड़े सनकी भी हों. और हकीकत यह है कि हम पत्रकार लोग आम तौर पर तीनों होते हैं. इन और दूसरी कमजोरियों के लिए आम तौर पर अगरContinue Reading

आज के दौर में टेलिविजन और अन्य ‘ओवर द टॉप’ (OTT) प्लेटफॉर्म्स हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। जैसा कि सभी को पता है कि कोरोनावायरस (कोविड-19) जैसी महामारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई है। ऐसे में नागरिकों केContinue Reading

सभी वर्ग की हो भागीदारी : पत्रकारिता एक समाज सेवा है। इसमें सेवा भावना से काम करने की जरूरत है। पत्रकार का काम केवल जानकारी देना नहीं बल्कि हर सभ्य कदम, हर मानवीय मूल्य के साथ खड़े होने और जनहित के लिए लड़ने वाले एक योद्धा का भी है। इसContinue Reading

पत्रकार का मुख्य कार्य अपने पाठकों को तथ्यों की सूचना देना है । जहां सम्भव हो वहां निष्कर्ष भी दिया जा सकता है। अपराध तथा राजनैतिक संवाददाताओं का यह मुख्य कार्य है । तीसरा एक मुख्य दायित्व प्रसार का है । आर्थिक-सामाजिक जीवन के बारे में तथ्यों का प्रस्तुतीकरण हीContinue Reading

इंटरनेट क्रांति के इस युग में एक ओर जहां सूचनाओं का अबाध और तेजी से प्रसार बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर इसने खबरों की दुनिया को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। इसीलिए वेब पत्रकारिता का तेजी से बोलबाला हो रहा है। इस बात में कोई दो रायContinue Reading

आज कल हर कोई एक ऐसा करियर बनाना चाहता है जिसमे वो कुछ रचनात्मक कर सके। एक ऐसा करियर जो उसके गुणों और काबिलियत और भी निखार दे। एक ऐसा करियर जो उसके पसंदीदा विषय से जुड़ा हो। हर किसी के लिए उसका पसंदीदा विषय अलग अलग हो सकता है।Continue Reading

न सिर्फ भारत में बल्कि विश्वभर में कलम को तलवार से भी ज्यादा ताकतवर और तलवार की धार से भी ज्यादा प्रभावी माना गया है क्योंकि इसी की सजगता के कारण भारत सहित दुनियाभर के अनेक देशों में पिछले कुछ दशकों में कई बड़े-बड़े घोटालों का पदार्फाश हो सका। यहContinue Reading

अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस हर साल तीन मई को मनाया जाता है। प्रेस किसी भी समाज का आइना होता है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रेस की स्वतंत्रता बुनियादी जरूरत है। प्रेस के माध्यम से हम देश दुनिया में घटित होने वाली गतिविधियों से अवगत होकर अपना ज्ञान बढ़ाते हैं।Continue Reading

♦‘संपादक’ शब्द की व्याख्या की बजाय मैं उसके कार्य से अपनी बात शुरू करना चाहूंगा। जिस तरह हर व्यक्ति, समाज और देश का अपना एक खास व्यक्तित्व होता है, जिसे प्रोफाइल कहते हैं। उसी तरह हर अखबार, हर पत्रिका या टीवी न्यूज चैनल का भी अपना एक अलग व्यक्तित्व होताContinue Reading