मध्य प्रदेश: सीएम कमलनाथ के भांजे और OSD के 50 ठिकानों पर आयकर विभाग ने मारा छापा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, निजी सचिव और पूर्व पुलिस अधिकारी प्रवीण कक्कड़ और सलाहकार राजेंद्र कुमार मिगलानी के ठिकानों पर आयकर विभाग ने रविवार तड़के छापा मारा. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली, भोपाल, इंदौर और गोवा स्थित 50 ठिकानों पर मारे गए इस छापे में अब तक नौ करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं. हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.

दरअसल, सर्विस के दौरान कक्कड़ के खिलाफ तमाम तरह की जांच चल रही थी. इसी क्रम में रविवार सुबह इंदौर के विजय नगर स्थित उनके घर में आयकर विभाग की अलग-अलग टीम ने छापेमार कार्रवाई की है. इसके अलावा बीसीएम हाइट्स स्थित ऑफिस, शालीमार टाउनशिप और जलसा गार्डन पर भी अधिकारियों ने छापा मारा है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राजधानी दिल्ली से आई आयकर विभाग की टीम सुबह 3 बजे उनके घर पहुंची. टीम के साथ सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद थे, जो कक्कड़ के आवास की तलाशी ले रहे हैं.

बता दें कि प्रवीण कक्कड़ कांग्रेस के करीबी माने जाते हैं. एमपी विधानसभा चुनाव के दौरान वे कांग्रेस के वॉर रूम के प्रभारी थे. उन्हें पुलिस सेवा में रहते हुए सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है. वे 2004 से 2011 तक केंद्रीय मंत्री रहे कांतिलाल भूरिया के विशेष अधिकारी भी रह चुके है.

आयकर सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि ठोस इनपुट के बाद मध्यप्रदेश के भोपाल-इंदौर, गोवा और दिल्ली में एक साथ देर रात 3 बजे कार्रवाई शुरू की गई। अमिता ग्रुप और मोजर बियर के दफ्तर भी खंगाले गए। दिल्ली में मिगलानी की दो लग्जरी कारों से डॉलर मिले हैं। मध्यप्रदेश के आयकर अफसरों को कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई थी। दिल्ली की टीम ने मध्यप्रदेश पुलिस की भी मदद नहीं ली। पहली बार सीआरपीएफ को कार्रवाई में शामिल किया गया।

आयकर विभाग के छापे पर कमलनाथ का पहला रिएक्शन

मध्य प्रदेश में आयकर विभाग की टीम द्वारा कमलनाथ के निजी सचिव के घर किए गए जबरदस्त छापे पर मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रतिक्रिया सामने आई है. होशंगाबाद पहुंचे कमलनाथ ने कहा कि मैं तो अभी होशंगाबाद में हूं, मुझे इसकी जानकारी नहीं है.

दरअसल, होशंगाबाद में लगी भीषण आग के कारण किसानों की मौत के बाद मृतकों के परिजनों के घर पहुंचे कमलनाथ से जब छापे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है. इससे पहले छिंदवाड़ा से जब कमलनाथ होशंगाबाद के लिए रवाना हो रहे थे तो वहां वे मीडिया से बचते नजर आए थे.

बताया जा रहा है कि आयकर विभाग के अधिकारी रात में ही भोपाल और इंदौर पहुंच गए थे. इंटेलिजेंस को चकमा देने के लिए दिल्ली आईटी सेल के अफसर टूरिस्ट बनकर भोपाल को सड़कों पर घूमते रहे. पुख्ता इनपुट मिलने के बाद श्यामला हिल्स और प्लेटिनम प्लाजा पर रात 2 बजे कार्रवाई शुरू की है.

कौन हैं कक्कड़ और मिगलानी?

प्रवीण कक्कड़ पूर्व पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। 2004 में नौकरी छोड़कर वे कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बने। दिसंबर 2018 में कमलनाथ के ओएसडी बन गए। बताया जा रहा है कि नौकरी में रहते हुए उनके खिलाफ कई मामले सामने आए, जिनकी जांच चल रही है। दूसरी ओर, आरके मिगलानी 30 साल से कमलनाथ के साथ जुड़े हैं और उनके सलाहकार हैं। मुख्यमंत्री से लोगों की मुलाकात और उनके अन्य कामों का जिम्मा मिगलानी ही संभालते हैं।

राहुल गांधी चोरों के सरदार: कैलाश

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया, ”मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के निजी सचिव के घर से करोड़ों की काली कमाई बरामद हुई। इससे साफ हो गया कि जो चोर है उसे ही चौकीदार से शिकायत है। कांग्रेस चोर है और इस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की चुप्पी बताती है कि वह चोरों के सरदार हैं।”

भोपाल में अश्विनी शर्मा के घर पुलिस और सीआरपीएफ जवानों में टकराव, इंदौर में SSP पहुंची कक्‍कड़ के घर

मध्‍यप्रदेश में मुख्‍यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई के बाद शाम को राजधानी में स्‍थानीय पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों में खासा विवाद हो गया।वहीं शाम को इंदौर में एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्‍कड़ के घर पहुंची।

बताया जाता है अश्विनी शर्मा जिस काम्‍प्‍लेक्‍स में रहते हैं वहां जब भोपाल पुलिस के दो सीएसपी अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे तभी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों ने उन्‍हें रोका। इसके बाद टकराव की स्‍िथति बनी और झूमाझटकी भी हुई। यह घटना प्लेटिनम प्लाजा स्थित अश्विनी शर्मा के घर हुई।

इस घटना से भोपाल में अश्विन शर्मा व प्रतीक जोशी के प्लेटिनम प्लाजा स्थित घर और कार्यालय पर चल रही इनकम टैक्‍स रेड के दौरान सीआरपीएफ ने प्लेटिनम प्लाजा पर पहरेदारी सख्त कर दी है। वहीं बिल्डिंग में रह रहे अन्य लोगो का आरोप है कि उन्हें कहीं आने जाने नही दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यहां पिछले 16 घंटों से पड़ताल जारी है। इससे बिल्डिंग के आसपास लगी जाम की स्थिति बनी है।

भोपाल पुलिस के सीएसपी उमेश तिवारी और भूपेंद्र सिंह ने अंदर जाने की कोशिश की तब मेन गेट पर जवानों ने रोक लिया। इसके बाद उन्‍होंने पिछले गेट से अंदर जाने का प्रयास किया जहां भी रोक लिया गया।

भोपाल पुलिस का कहना था कि उन्‍हें काम्‍पलेक्‍स में रह रहे लोगों ने फोन पर सूचना दी कि उन्‍हें बेवजह परेशानी हो रही है इनमें कुछ बीमार भी हैं। जबकि सीआपीएफ अधिकारी ने इसका खंडन किया। भोपाल पुलिस के अधिकारियों का कहना था कि उन्‍हें छापे से कोई लेना देना नहीं है। सीआरपीएफ अधिकारियों का आरोप था कि उन्‍हें काम करने से रोका जा रहा है।

वहीं इंदौर में शाम को इंदौर एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र, एसपी यूसुफ कुरैशी और सीएसपी पंकज दीक्षित सीएम कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के निवास पर पहुंचे। इस दौरान एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र को भी घर के अंदर जाने से रोका गया इस पर उन्‍होंने सीआरपीएफ के जवानों को अपना मोबाइल नम्बर दिया और कहा कि उनकी आवश्‍यकता होने पर उन्‍हेें तत्‍काल सूचित किया जाए।

उल्‍लेखनीय है कि आज ही आयकर विभाग की टीम ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और सलाहकार राजेंद्र कुमार मिगलानी के दिल्ली स्थित आवास व इनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापा मारा। शहर सहित भोपाल, इंदौर, दिल्ली और देशभर में 35 स्थानों पर 300 से ज्यादा आयकर अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, अमिरा और मोजर बीयर कंपनी भी शामिल हैं।




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