शिवराज सरकार के दौरान हुए ई-टेंडरिंग घोटाले में 5 विभागों और अफसरों पर FIR

[ARForms_popup id=101 type=’onload’ width=’800′ modaleffect=’fade_in’ is_fullscreen=’no’ overlay=’0.6′ is_close_link=’yes’ modal_bgcolor=’#000000′ ]

मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान हुए ई-टेंडरिंग घोटाले में 5 विभागों के अधिकारियों और तत्कालीन ज़िम्मेदार नेताओं के खिलाफ भोपाल में एफ आई आर दर्ज करा दी गयी है. जल निगम, लोकनिर्माण विभाग, पीआईयू, रोड डेवलेपमेंट और जल संसाधन विभाग पर टेंडर में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. इन मामलों में 7 कंपनियों पर फर्जीवाड़ा कर टेंडर लेने का आरोप है.

भोपाल में जो एफआईआर दर्ज करायी गयी है उसमें लिखा है “अज्ञात नौकरशाह और राजनेता के खिलाफ हैं आरोप”. आज की इस कार्रवाई को हाल ही में सीएम के करीबियों पर पड़े आयकर के छापों का एमपी सरकार की तरफ से दिया गया जवाब समझा जा रहा है.

आयकर छापे के बाद कमलनाथ सरकार भाजपा पर जवाबी कार्रवाई की तैयारी में थी.वो भाजपा सरकार के समय हुए घोटालों की फाइल खोल रही थी.आय़कर छापे के बाद शिवराज सरकार के समय हुए घोटालों के मामलों के दस्तावेज खंगाले जा रहे थे.ईओडब्ल्यू में ई-टेंडरिंग,एमसीयू में गड़बड़ी,फर्जी वेबसाइट्स,सांसद निधि के उपयोग में गड़बड़ी के मामलों की जांच चल रही है. जनजातीय कार्य विभाग, वन्या प्रकाशन सहित अन्य योजनाओं में घपलों के दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है.

आयकर छापे के बाद प्रदेश में कांग्रेस सरकार और बीजेपी के बीच तनाव बढ़ गया है. ई-टेंडरिंग घोटालों की जांच में एक रिपोर्ट का इंतज़ार कमलनाथ सरकार कर रही थी. सीईआरटी की जांच रिपोर्ट के आते ही एफआईआर कराने की तैयारी थी.

ई-टेंडर घोटाला करीब तीन हजार करोड़ का है.पीएचई,पीडब्ल्यूडी में टेंडर खऱीदने में गड़ब़ड़ी सामने आयी थी. इस पूरे मामले की जांच भी चल रही है.ई-टेंडरिंग घोटाले के साथ ही व्यापम घोटाला,एमसीयू में गड़ब़ड़ी का मामला,सांसद निधि के उपयोग में गड़बड़ी के मामलों की जांच चल रही है.इन मामलों में कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अब आक्रामक रुख अपना रही है.एक तरह से लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में घोटालों और जांच की राजनीति शुरू हो गई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *