देश की सबसे चर्चित सीट रही विदिशा से निर्दलीय प्रत्‍याशी श्री अनिल मालवीय का साक्षात्‍कार

57 सालों के दौरान संसद में 42 से गिरकर 3 तक पहुंची निर्दलीय सांसदों की संख्या

आपको जनता क्यों वोट दे। आपने चुनाव लड़ने का फैसला क्यों किया है?

विदिशा संसदीय क्षेत्र की जनता ने देश को प्रधानमंत्री दिया, मुख्‍यमंत्री दिया, विदेश मंत्री दिया, प्रदेश सरकार में मंत्री भी दिये। लेकिन यहां की जनता को क्‍या मिला, धुल के गुब्‍बार, रेलवे लाईन की घोषणा, बेतवा के सरंक्षण की घोषणा।

रायसेन की जनता कहती है, ऊपर किला, नीचे जिला और जनता को कुछ नही मिला। मिला तो क्‍या मिला, नौजवानों को बेरोजगारी, सड़को पर गडढे। स्वास्थ्य सुविधाओं के तो बुरे हाल हैं। अस्पताल में सालों से डॉक्टरों की कमी बनी हुई। जिला अस्पताल सिर्फ एक रेफर सेंटर बनकर रह गया है।

शहर में कोई उद्योग नहीं है। फैक्ट्ररी नहीं है जिनमें शहर का युवा काम कर सके। यही वजह है कि शहर के पढ़े लिखे युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि चुनाव के बाद सब कुछ भूल जाते हैं। शहर में युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था होना चाहिए।

रायसेन शहर की सड़क चौड़ी होना चाहिए ताकि शहरवासियों को लगने वाले जाम से निजात मिल सके । बीच में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल, लेकि न बाद में बंद हो गया, जो अभी तक बंद है। ऐसे में शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शासकीय कॉलेज का निर्माण होना चाहिए।

जनप्रतिनिधियों की लापरवाही और अफसरों की मनमर्जी के चलते यहां के लोगों को पीने तक का पानी ठीक से नहीं मिल पा रहा है।यहां के लोगों को दो किलोमीटर दूर से पानी लेकर आना पड़ता है।

आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं? आप चुनाव जीत गये तो क्या करेंगे?

पिछले चुनाव के समय जो मुद्दे थे, वे जस के तस हैं। क्षेत्र के जनता ने पिछली सांसद महोदया को क्षेत्र में नहीं देखा। यहा तक कि गुमनाम तक के बेनर पोस्‍टर भी जनता के हाथ में थे। संसदीय क्षेत्र में बेरोजगारी प्रमुख समस्या है। चुनाव जीतने पर क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित कराएंगे, ताकि लोगों को रोजगार मिले। सडक व्‍यवस्‍था दूरस्‍त करेंगे और रेलवे लाइन पर काम करेंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में आपका क्या नजरिया है। क्या सुधार की जरूरत हैं?

दुनिया के श्रेष्ठ 200 विश्वविद्यालयों की सूची में भारत का एक भी विश्वविद्यालय शामिल नहीं है। शिक्षा संस्थानों में अध्ययन और अध्यापन की समुचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। यह युवा भारत की स्थिति है। देश में लगभग आधी आबादी 25साल से कम उम्र की है। इस आबादी को उचित शिक्षा नहीं मिलेगी तो रोजगार का संकट खड़ा होगा ही। इसी युवा शक्ति को ठीक शिक्षा मिले तो देश की तरक्की में कितनी गति आएगी, आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं। लेकिन अब तक हमारा नेतृत्व इस युवा शक्ति को नहीं पहचान सका है। इसलिए चुनिए ऐसी सरकार जो युवाओं को ध्यान में रखकर नीति बनाए। गुणवत्तायुक्त और मूल्य आधारित शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए और रोजगार के अवसर बढ़ाए।

अपील

आने वाली 12 मई को आप सभी से अपील है, निवेदन है 6 नम्‍बर का बटन, चुनाव चिन्‍ह चाबी का बटन जरूर दबाये और निर्दलिय प्रत्‍याशी को सदन में भेजकर क्षेत्र मे कई वर्षो से रूके काम पूरे कराये। निश्चित तौर पर आपका वकील बनकर आपकी बात को संसद भवन में रखूंगा ओर विकास के कार्य करूंगा।

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