प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना PMKVY : बेरोजगार युवाओं को निशुल्‍क ट्रेनिंग और नौकरी, जानिये क्‍या है पात्रता और योजना की पूरी डिटेल

तकनीकी शिक्षा हासिल करके नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए यह काम की खबर है। आज के दौर में तकनीकी शिक्षा के दम पर ही अधिकांश नौकरियां मिलती हैं। इसके लिए ढेरों सरकारी व गैर-सरकारी संस्‍थान हैं जो अवसर उपलब्‍ध कराते हैं। ऐसी ही एक योजना है प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना। युवाओं के बीच PMKVY के नाम से लोकप्रिय इस योजना का लाभ लेकर पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा नौकरी प्राप्‍त कर हरे हैं। आइये इस योजना के बारे में विस्‍तार से जानते हैं।

क्‍या है PMKVY

15 जुलाई 2015 को विश्व युवा कौशल दिवस पर केंद्र सरकार ने इस योजना का आगाज़ किया था। शुरुआत से लेकर अभी तक हज़ारों की संख्‍या में युवा इस प्रशिक्षण का लाभ ले चुके हैं। इतना ही नहीं, वे अन्‍य को भी इस प्रशिक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। स्टीयरिंग समिति द्वारा इसके नियम निर्धारित किए गए हैं और इस समिति के आदेश के अनुसार ही इनमें बदलाव हो सकता है।

योजना का ये है मकसद

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के संचालन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को industrial Training (औद्योगिक प्रशिक्षण) देना है, ताकि उनकी तकनीकी दक्षता में निखार आ सके। इसका लाभ लेकर वे या तो स्‍वयं का कोई काम शुरू कर सकते हैं या कहीं नौकरी भी कर सकते हैं। इस योजना के तहत कुशल कामगारों को सरकारी स्‍तर पर भी नौकरी दिलवाए जाने के प्रयास किए जाते हैं। जॉब फेयर जैसे मंच इसके लिए कारगर साबित होते हैं।

सरकार उठाती है ट्रेनिंग का खर्च

PMKVY के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले उम्मीदवार का खर्च सरकार वहन करती है। इसकी पूरी राशि सीधे तौर पर प्रशिक्षण देने वाले सेंटर के खाते में ट्रांसफर की जाती है। हालांकि इसके लिए भी नियम हैं। प्रत्‍येक सेंटर में हर उम्‍मीदवार के आधार पर रजिस्‍ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है। प्रशिक्षण केंद्र में आधार वेलिडेशन के लिए बायोमेट्रिक उपकरण का होना अनिवार्य है ताकि आधार का सत्‍यापन किया जा सके।

योजना में रजिस्‍ट्रेशन के लिए पात्रता

इस योजना में रजिस्‍ट्रेशन के लिए वे लोग पात्रता रखते हैं जिन्‍होंने हायर सेकंडरी या पीजी किया हुआ है। इस योजना में प्रत्‍येक छात्र रजिस्‍ट्रेशन नहीं करवा सकता। इसके अलावा जो भी छात्र यहां से ट्रेनिंग लेते हैं, उनके लिए सरकार की ओर से जॉब फेयर का आयोजन किया जाता है। यह हर 6 महीने में एक बार आयोजित किया जाता है।

ड्रॉप आउट भी ले सकते हैं लाभ

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लिए 12वीं अथवा स्‍नातक के ड्रॉप आउट स्‍टूडेंट्स भी लाभ लेने की पात्रता रखते हैं। जो लोग अपनी नौकरी के लिए उपयुक्‍त योग्‍यता रखते हैं वे भी इसका लाभ ले सकते हैं। मालूम हो कि सरकार ने 10 मिलियन यानी 1 करोड़ युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्‍य निर्धारित किया है।

योजना के लिए जरूरी दस्‍तावेज

PMKVY की ट्रेनिंग प्राप्‍त करने के लिए आवेदक को पासपोर्ट साइज के दो फोटो देना होंगे। परिवार के किसी भी सदस्‍य का आधार कार्ड देना होगा। यदि कोई आवेदन ऑनलाइन आवेदन करना चाहता है कि वह आधिकारिक वेबसाइट www.pmkvyofficial.org/Training-Centre.aspx पर जाकर भी एप्‍लाई कर सकता है।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

जो आवेदक PMKVY 2019 के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं वे इन स्‍टेपस को फॉलो करके अप्‍लाई कर सकते हैं। सबसे पहले आपको www.pmkvyofficial.org/Training-Centre.aspx पर विजिट करके नजदीकी कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र का चयन करना होगा। इसके बाद अपने नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र का चयन करने के पश्चात आपको बताए गए सभी दस्‍तावेज को लेकर प्रशिक्षण केंद्र पर जाना होगा। इसके बाद केंद्र पर आप अपना पंजीयन करवा सकते हैं।

टोल फ्री नंबर से भी करें संपर्क

अगर आपको प्रधानमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण योजना से जुड़ी किसी प्रकार भी जानकारी चाहिये तो आप टोल फ्री नंबर 08800055555 पर भी संपर्क कर सकते हैं। यह नंबर केंद्र सरकार द्वारा युवाओं की सहूलियत के लिए ही बनाया गया है।

ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेट की प्रक्रिया

PMKVY के तहत आने वाले सारे प्रशिक्षण केंद्रों को ट्रेनिंग देने के दौरान स्‍वयं कराया जाना भी ज़रूरी है। इसके बाद उसका सर्टिफिकेट हासिल कर लेना चाहिये। इससे स्‍टीयरिंग कमेटी को सेंटर्स और ट्रेनी के बारे में जानकारी आसानी से मिल जाती है। प्रशिक्षण के बाद ट्रेनी को भी बकायदा सर्टिफिकेट दिया जाता है।

ट्रेनिंग सेंटर्स का ग्रेडेशन

सारे प्रशिक्षण केंद्रों को स्‍टीयरिंग कमेटी द्वारा उनके कार्य के अनुसार वरीयता दी जाती है। ट्रेनिंग की क्‍वालिटी, सेंटर की क्षमता, परफार्मेंस और उनकी लोकेशन के आधार पर उनका ग्रेड तय किया जाता है।

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