चुनाव में सांप्रदायिक टिप्पणी करने के मामले में प्रज्ञा ठाकुर को हाईकोर्ट का नोटिस, 1 माह में देना होगा जवाब

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल संसदीय सीट से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. दरअसल, भोपाल के रहने वाले राकेश दीक्षित ने चुनाव याचिका दायर कर साध्वी प्रज्ञा पर ये आरोप लगाया है कि उन्होंने लोगों की सांप्रदायिक और धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए जनता से वोट मांगा था.

प्रज्ञा ठाकुर का निर्वाचन शून्य करने की मांग

लिहाजा, शिकायतकर्ता राकेश दीक्षित ने याचिका दायर कर प्रज्ञा ठाकुर का निर्वाचन शून्य करने की मांग की है. इस पर जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने साध्वी को 4 हफ्ते में जवाब पेश करने का आदेश दिया है. वहीं मामले की अगली सुनवाई आगामी 9 सितंबर को होगी.

प्रज्ञा ठाकुर-pragya thakur
चुनाव में सांप्रदायिक टिप्पणी करने के मामले में प्रज्ञा ठाकुर को हाईकोर्ट का नोटिस (फाइल फोटो)

दिग्विजय सिंह पर भी अनर्गल आरोप लगाए

याचिका में कहा गया है कि प्रज्ञा ठाकुर ने चुनाव प्रचार के दौरान धार्मिक और सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाले बयान दिए थे. उन्होंने धर्म के नाम पर लोगों से वोट की अपील की थी, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123ए और बी का उल्लंघन है. इतनी ही नहीं याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रज्ञा ठाकुर ने अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी कांग्रेस के दिग्विजय सिंह पर भी अनर्गल आरोप लगाए. बता दें कि प्रचार के दौरान साध्वी ने यह कहा था कि दिग्विजय सिंह ने भगवा आतंकवाद कहकर हिंदू धर्म को बदनाम करने की साजिश की है. बहरहाल, आरोपों के समर्थन में याचिका के साथ शिकायतकर्ता ने साध्वी के बयानों की सीडी, अखबारों की कटिंग और अन्य सामग्री भी कोर्ट में पेश की है.

EC ने प्रज्ञा के प्रचार पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगाया था
संबंधित मामले में अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान साध्वी ने मुंबई के दिवंगत पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे और बाबरी मस्जिद के विषय में भी भड़काऊ भाषण दिए थे. इसके बाद चुनाव आयोग ने एक मई 2019 को साध्वी पर 24 घंटे के प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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