आर्थिक मंदी से घबराने की ज़रुरत नहीं, मोदी सरकार ने आम आदमी को दिए ये 6 तोहफे

  • नरेन्‍द्र देेेेेेेेशमुख@9479953111

दुनियाभर के स्लोडाउन (Economic Slowdown) यानी आर्थिक सुस्ती का असर भारत पर भी दिख रहा है. इसे दूर करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार की शाम को कई बड़े ऐलान किए है. इन फैसलों में सबसे बड़ा एफपीआई सरचार्ज हटाना है. इससे शेयर बाजार में निवेश बढ़ेगा. लिहाजा म्युचूअल फंड में पैसा लागने वालों के भी रिटर्न फिर से बेहतर हो जाएंगे. इसके अलावा बैंक भी जल्द ऑटो, होम और पर्सनल लोन की EMI कम करेंगे, क्योंकि ये सभी ब्याज दरें घटाने के लिए तैयार हो गए. वहीं, वित्त मंत्री ने कहा है कि अगले हफ्ते रियल्टी सेक्टर के लिए बड़े ऐलान किए जाएंगे. ताकि जल्दी से जल्दी घर खरीदारों को उनका घर मिल सकें.

वित्त मंत्री ने नौकरियों को लेकर कहा- ‘रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है. सरकार इसके लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है.’

आइए जानें आज के 6 बड़े ऐलानों के बारे में…

(1) म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए खुशखबरी–  वित्त मंत्री ने कहा कि घरेलू निवेशकों को भी LTCG और STCG पर लगाए गए सरचार्ज से राहत दी गई है. एफपीआई और घरेलू निवेशकों पर सरचार्ज वापस लेकर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने पर बजट पूर्व स्थिति को बरकार रखा जाएगा. बता दें कि बजट में सरकार ने अमीरों पर सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया था. माना जा रहा है इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में रैली आएगी. लिहाजा इसका फायदा म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों को भी मिलेगा.
बजट में सरकार ने अमीरों पर सरचार्ज 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया था. ये सरचार्ज 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक की आय वालों पर लगाया गया था. वहीं 5 करोड़ से ज्यादा की आय पर सरचार्ज 15 फीसदी से बढ़ाकर 37 फीसदी कर दिया गया था. सरचार्ज के दायरे में आने के बाद FPI ने बड़े पैमाने पर पैसा निकालना शुरू कर दिया. इस वजह से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है.

(2) अब होम, ऑटो सस्ता होना तय- वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा है कि RBI की ओर से ब्याज दरों में कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों को देने पर सभी बैंक सहमत हो गए हैं. वे होम, ऑटो और अन्य लोन पर ईएमआई घटाएंगे.
रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती के मुताबिक एमसीएलआर में कटौती होगी. सरकारी बैंकों को लोन पूरा होने के 15 दिन के भीतर डॉक्यूमेंट ग्राहकों को देने पड़ेंगे. सभी तरह के लोन अप्लीकेशन ऑनलाइन होंगे. लोन अप्लीकेशन की ऑनलाइन ट्रैकिंग होगी.

(3) छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत- MSMEs लोन के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाएंगे. सभी पेंडिंग GST रिफंड 30 दिन में चुका दिए जाएंगे. भविष्य में सभी GST रिफंड 60 दिन में ही निपटाने होंगे. एक MSMEs परिभाषा के लिए कानून में बदलाव करेंगे. रिफंड प्रोसेस की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा. NBFC KYC के आधार पर लोन दे पाएंगे. घर, वाहन खरीदने पर और ज्यादा क्रेडिट सपोर्ट दिया जाएगा. बैंकों को KYC के लिए आधार की प्रमाणिकता के लिए बार-बार की प्रक्रिया से बचना चाहिए.

(4) बड़ी कंपनियों को मिलेगी राहत-वित्त मंत्री ने कहा कि सीएसआर का उल्लंघन आपराधिक मामला नहीं होगा. यह सिविल मामलों की तरह देखा जाएगा न कि आपराधिक मामलों की तरह. उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर 2019 से सभी नोटिस सेंट्रलाइज कंप्यूटर जेनरेटर सिस्टम के तहत भेजे जाएंगे.

DIN नंबर के अलावा किसी भी नोटिस को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है. वे मान्य नहीं होंगे. एसेसी को नोटिस का जवाब देने के लिए 3 महीने का समय दिया जाएगा. टैक्स प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा.

(5) टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत-वित्त मंत्री ने कहा कि विजयदशमी से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट फेसलेस स्क्रूटनी शुरू करेगा. टैक्सपेयर्स को परेशान नहीं किया जाएगा. टैक्स को लेकर सरकार संवेदनशील है. उनका कहना है कि आने वाले दिनों में जीएसटी जीएसटी रिटर्न और रिफंड को और आसान बनाया जाएगा.

(6) स्टार्टअप से हटा एंजेल टैक्स-  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने स्टार्टअप्स (Startup) की टैक्स संबधित शिकायतों को दूर करने के लिए स्पेशल सेल बनाने के लिए कहा है. इस स्पेशल सेल के हेड CBDT चेयरमैन होंगे. साथ ही, वित्त मंत्री ने स्टार्टअप पर से एंजेल टैक्स (Angle Tax) हटाने का ऐलान भी किया है. आपको बता दें कि कारोबार विस्तार के लिए जो पैसे जुटाए जाते हैं. इसके एवज में पैसे देने वाली कंपनी या संस्था को वे शेयर जारी करते हैं. अक्सर ये शेयर वाजिब कीमत के मुकाबले ज्यादा कीमत पर जारी किए जाते हैं. शेयर की अतिरिक्त कीमत को इनकम माना जाता है. इस इनकम पर टैक्स लगता है, जिसे एंजेल टैक्स कहा जाता है. स्टार्टअप को इस तरह मिले पैसे को एंजेल फंड कहते हैं. इनकम टैक्स विभाग एंजेल टैक्स वसूलता है.


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