ट्रेनों में सैनिकों की आवाजाही की जानकारी गुप्त रखें : रेलवे

ई दिल्ली। रेलवे ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे ट्रेनों के जरिये सैनिकों की आवाजाही और सैन्य उपकरणों के परिवहन से संबंधित जानकारी को गोपनीय रखें। किसी तरह की सूचना लीक नहीं होनी चाहिए। रेलवे ने जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के जवानों पर हमले के दो दिन बाद 16 फरवरी को एक पत्र के जरिये यह निर्देश दिया है।

निर्देश में कहा गया है कि सैनिकों, तोप तथा टैंक जैसे भारी उपकरणों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ट्रेनों से संबंधित जानकारी गोपनीय रखी जाए। इसमें कहा गया है, ‘विशेष सैन्य ट्रेनों की आवाजाही के संबंध में कोई भी जानकारी ऐसे व्यक्ति को भी न दें जो खुद को वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, रक्षा या खुफिया अधिकारी बताकर सूचना मांग रहा हो।

मिलरेल ने कहा, ‘रेलवे के सभी मंडलों और क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिया जाता है कि वे सभी स्टेशन मास्टरों, नियंत्रकों और स्टेशन स्टाफ को इस बारे में तत्काल सतर्क कर दें। इन निर्देशों के उल्लंघन के गंभीर परिणाम होंगे।’ मिलरेल रेल नेटवर्क में सैन्यकर्मियों की आवाजाही और सैन्य उपकरणों के परिवहन के लिए जिम्मेदार है।

इसका संचालन सेना भवन स्थित सेना मुख्यालय से होता है। सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद यह आदेश का काफी महत्वपूर्ण हो गया है। सीआरपीएफ ने भी सुरक्षा की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर में काफिला गुजरने के दौरान सामान्य नागरिकों की आवाजाही रोक कर अपनी मानक परिचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) में बदलाव किया है

वरिष्ठ रेल अधिकारियों ने कहा कि सैन्य ट्रेनों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सावधानियां पहले से ही बरती जाती हैं। इन ट्रेनों के बारे में सूचना संबंधित रेल मंडलों को मिलरेल से कोड भाषा में पहुंचती है।

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