ANALYSIS: आखिर क्यों अभी भी सुमित्रा महाजन के टिकट पर बना है असमंजस

यह कयास और अटकलों का दौर है, जिसने इंदौर की आठ बार की सांसद व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की चुनावी राजनीति पर भारी असमंजस का माहौल पैदा कर दिया है. इंदौर को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. सुमित्रा महाजन यहां से हर बार निर्विवाद तौर पर बीजेपी की उम्मीदवार चुनी गई हैं. लेकिन इस बार बीजेपी हाइकमान का रूख बदला हुआ सा लग रहा है. बीजेपी ने प्रदेश  में अपने 18 उम्मीदवार घोषित कर दिए है. लेकिन अभी तक बीजेपी हाइकमान ने इंदौर की सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. माना जा रहा है कि इसकी एकमात्र वजह महाजन का 75 प्लस क्लब में शामिल होना है.

75 प्लस क्लब-

बीजेपी ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, बाबूलाल गौर, शांताकुमार, नजमा हेपतुल्ला, खंडूरी, जैसे  नेताओं का टिकट काट कर 75 प्लस का फार्मूला गंभीरता से लागू किया है. संभव है, उस क्राइटेरिया में बीजेपी अब ताई को भी शामिल कर सकती है.  ऐसी चर्चाएं जोरों पर हैं. हालांकि महाजन के करीबी नेता इस बात की संभावना से इंकार करते हैं. सांसद प्रतिनिधि अशोक डागा ने बाकायदा सोशल मीडिया में पोस्ट में दावा किया है कि ताई ही इंदौर से लोकसभा की प्रत्याशी होंगी. इसमे कोई संशय नहीं है. कुछ लोग अपने स्वार्थ के कारण तरह तरह की अफवाहें फैला रहे हैं.

मैं भी चौकीदार में गैर मौजूद-

लेकिन जिस तरह घटनाक्रम बदल रहा है उसने कई तरह के सवाल और असमंजसता पैदा कर दी है. सुमित्रा महाजन एक तरह से अपना चुनावी कैंपेन शुरू कर चुकी हैं. वे इंदौर लोकसभा क्षेत्र की विधानसभावार बैठकें और वार्ड स्तर के नेताओं से संपर्क कर रही है. लेकिन रविवार को चौंकाने वाला मामला यह रहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश भर के विभिन्न शहरों में हुए मैं भी चौकीदार कार्यक्रम में गैर  मौजूद रहीं. हालांकि स्थानीय बीजेपी इकाई ने दावा किया कि स्वास्थ्य के कारण वे इसमे शामिल हो पाई. लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच महाजन की गैर मौजूदगी ने राजनीतिक गरमी को बढ़ा दिया.

चुनावी तैयारियों का इशारा था-

बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता इंदौर सीट को लेकर चल रहे असमंजस से हैरान हैं. एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अभी तीन महीने पहले की बात है  जब सुमित्रा महाजन को इशारा किया गया था, कि वे अपने क्षेत्र में चुनावी तैयारियां शुरू कर दें. पार्टी उनके नाम पर विचार कर रही है या नहीं भी कर रही है तो भी वे पार्टी की बहुत सीनियर नेता हैं. उन्हें इसकी सूचना देनी चाहिए.

कैलाश विजयवर्गीय दावेदार-

बीजेपी में उम्मीदवारी को लेकर मचे उहाफोह के बीच उम्मीदवारी को लेकर बीजेपी में नई हलचल शुरू हो गई है. महाजन समर्थक हाइकमान को ज्ञापन पहुंचा रहे हैं.  वहीं दूसरे और तीसरी पंक्ति के नेताओं के नाम भी चल रह हैं. जिसमें दूसरा बड़ा नाम बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का है. लेकिन उनके पास पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्य का प्रभार है. इंदौर को तीन बार क्लीन इंदौर का खिताब दिलवा चुकी महापौर मालिनी गौड का नाम भी तेजी से उभर रहा है.

बीजेपी के लिए प्रचार-

सांसद सुमित्रा महाजन का कहना है कि उम्मीदवार को लेकर कोई घोषणा अभी तक नहीं हुई है इसलिए उत्सुक्ता का माहौल है.  पार्टी संगठन सही समय पर सही फैसला लेगा. वे बीजेपी को जिताने के लिए सक्रिय तौर पर चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं.

बीजेपी अध्यक्ष लेंगे फैसला-

बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक सुमित्रा महाजन के मामले में निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेना है. दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में चौहान ने ये बात एक सवाल के जवाब में कही. चौहान दिल्ली में विभिन्न चुनावी मुद्दों पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे.

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