♦‘संपादक’ शब्द की व्याख्या की बजाय मैं उसके कार्य से अपनी बात शुरू करना चाहूंगा। जिस तरह हर व्यक्ति, समाज और देश का अपना एक खास व्यक्तित्व होता है, जिसे प्रोफाइल कहते हैं। उसी तरह हर अखबार, हर पत्रिका या टीवी न्यूज चैनल का भी अपना एक अलग व्यक्तित्व होताContinue Reading

  1. समाचार किसी कानून का उल्लंघन तो नहीं करता है।  2.  समाचार नीति के अनुरूप हो।  3.  समाचार तथ्याधारित हो।  4.  समाचार को स्थान तथा उसके महत्व के अनुरूप विस्तार देना।  5.  समाचार की भाषा पुष्ट एवं प्रभावी है या नहीं। यदि भाषा नहीं है तो उसे   पुष्टContinue Reading

एक दौर था, जब बच्चे सबसे पहले रोजगार के रूप में सिविल सेवाओं को चुनते थे, फिर उनकी पसंद होती थी बैंक की नौकरी और उसके बाद अन्य सेवाएं। किंतु आज मीडिया के आकर्षण से कोई नहीं बचा है। मीडिया जहां एक ओर जनता की सशक्त आवाज बन कर उभराContinue Reading

छपाई की पहली मशीन भारत में 1674 में पहुंचायी गयी थी। मगर भारत का पहला अख़बार इस के 100 साल बाद, 1776 में प्रकाशित हुआ। इस का प्रकाशक ईस्ट इंडिया कंपनी का भूतपूर्व अधिकारी विलेम बॉल्ट्स था। यह अख़बार स्वभावतः अंग्रेज़ी भाषा में निकलता था तथा कंपनी व सरकार के समाचार फैलाता था। सबContinue Reading

प्रथम प्रेस आयोग ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एंव पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उद्देश्य से एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। परिणाम स्वरूप चार जुलाई 1966 को भारत में प्रेस परिषद की स्थापना की गई जिसने 16 नंवबर 1966 से अपना विधिवत कार्य शुरू किया।Continue Reading

भारत में पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना गया है। अकबर इलाहाबादी ने इसकी ताकत एवं महत्व को इन शब्दों में अभिव्यक्ति दी है कि ‘न खींचो कमान, न तलवार निकालो, जब तोप हो मुकाबिल तब अखबार निकालो। उन्होंने इन पंक्तियों के जरिए प्रेस को तोप और तलवार से भीContinue Reading

विभिन्न एलेक्ट्रॉनिक माध्यमों सहित परम्परागत रूप से प्रकाशित अखबारों को प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रेस की स्वतंत्रता कहा जाता है। किन्तु इस समस्या का एक दूसरा पहलू भी है। दुनियाभर में मीडिया कार्पोरेट के हाथ में है जिसका एकमात्र उद्देश्य अधिक से अधिक फ़ायदा कमाना है। वास्तव में कोई प्रेस स्वतंत्रता है हीContinue Reading

मानव जीवन में पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण स्थान है, भारत में पत्रकारिता का इतिहास लगभग दो सौ वर्ष पुराना है, पत्रकारिता विभिन्न माध्यम, जैसे समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, सोशल मीडिया नें  व्यक्ति से लेकर समूह तक और देश से लेकर सम्पूर्ण विश्व को एक सूत्र में बांध दिया है, यहContinue Reading

पत्र- पत्रिकाओं में सदा से ही समाज को प्रभावित करने की क्षमता रही है। समाज में जो हुआ, जो हो रहा है, जो होगा, और जो होना चाहिए यानी जिस परिवर्तन की जरूरत है, इन सब पर पत्रकार को नजर रखनी होती है। आज समाज में पत्रकारिता का महत्व काफी बढ़ गया है। इसलिए उसके सामाजिक औरContinue Reading