लोगों की आखिरी आस होते हैं पत्रकार

सभी वर्ग की हो भागीदारी : पत्रकारिता एक समाज सेवा है। इसमें सेवा भावना से काम करने की जरूरत है। पत्रकार का काम केवल जानकारी देना नहीं बल्कि हर सभ्य कदम, हर मानवीय मूल्य के साथ खड़े होने और जनहित के लिए लड़ने वाले एक योद्धा का भी है। इस लड़ाई में कभी वह जीतता भी है तो कभी हार भी जाता है। समाज की दो सबसे महत्वपूर्ण शक्तियां राजनीतिक और आर्थिक है। ये शक्तियां एक हाथी के समान हैं और मिडिया एक अंकुश, जिसका लक्ष्य इस हाथी को सही रास्ते पर चलने को मजबूर करते रहना है। पत्रकारिता में दबे कुचले वर्ग की भागीदारी भी आवश्यक है। जब तक इस समाज के लोग पत्रकारिता से नहीं जुटेंगे तबतक उनके सही दर्द को नहीं जाना जा सकता है। 

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