कोरोना से जंग में मजूबती से अपनी भूमिका निभा रहे ये ‘पत्रकार’

आज के दौर में टेलिविजन और अन्य ‘ओवर द टॉप’ (OTT) प्लेटफॉर्म्स हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। जैसा कि सभी को पता है कि कोरोनावायरस (कोविड-19) जैसी महामारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई है। ऐसे में नागरिकों के जिन अधिकारों को लेकर दशकों से चर्चा और उनकी वकालत होती रही है, उनमें कमी कर दी गई है और यह राष्ट्र के कल्याण के लिए एक सही कदम भी है। वर्तमान हालातों को छोड़कर देश के सामने ऐसी स्थिति कभी नहीं आई है, ऐसे में यह जरूरी है कि सभी लोगों को इंफॉर्मेशन, न्यूज और एंटरटेनमेंट मिल सके।

इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि इंटरनेट का इस्तेमाल संविधान के तहत लोगों का मौलिक अधिकार है। आज, ऐसा लगता है कि न्यूज और एंटरटेनमेंट को हासिल करने के अधिकार ने अन्य अधिकारों पर विजय हासिल कर ली है। यह समाज और समुदाय को साथ-साथ ले आया है और वर्तमान स्थिति से निपटने में समाज की सहायता कर रहा है। ऐसे नाजुक दौर में डॉक्टरों और अन्य प्राधिकरणों द्वारा दी जाने वाली आपातकालीन सेवाओं की भूमिका काफी बढ़ गई है और इस ‘जंग’ से बहादुरी के साथ लड़ने में मदद कर रही है।

ऐसे समय में मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स की भूमिका को भी समझने और सराहे जाने की आवश्यकता है। ऐसे नाजुक दौर में जब लोगों को घरों में बंद रहने की सलाह दी गई है, किसी जमाने में ‘इडियट बॉक्स’ (idiot box) कहलाने वाला टीवी अब इडियट नहीं दिखाई दे रहा है। परिवार का हर सदस्य या तो खबरों के लिए या फिर मनोरंजन के लिए टेलिविजन की ओर रुख कर रहा है। इसके लिए हम कई लोगों को धन्यवाद देना चाहते हैं, जो दिन रात अपने काम में लगातार जुटे हुए हैं, ताकि न्यूज और एंटरटेनमेंट की निर्बाध रूप से आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। 

ऐसा ही एक डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म सिटी नेटवर्क्स (SITI Networks Limited) है, जो देश का सबसे बड़ा मल्टी सिस्टम ऑपरेटर है। सिटी नेटवर्क्स ‘एस्सेल’ ग्रुप का ही एक हिस्सा है, जो 580 से अधिक स्थानों और आसपास के क्षेत्रों में अपनी केबल सेवाएं प्रदान करता है और लगभग 8 मिलियन डिजिटल कस्टमर्स तक अपनी पहुंच बनाता है।

इस संबंध में ‘सिटी नेटवर्क्स लिमिटेड’ के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर अनिल मल्होत्रा कहते हैं, ‘मानवता के लिए खतरा बने कोरोनावायरस के खिलाफ इस जंग में हमारे SITI कर्मचारी भी आगे आकर एक शांत हीरो की तरह डटे हुए हैं। हमारी फील्ड और सपोर्ट टीमें लोगों को सूचनाएं और एंटरटेनमेंट उपलब्ध कराकर घर पर रहने में मदद कर रही हैं।’

कई बार पुलिस और अन्य अधिकारियों से थोड़ा समर्थन मिलने के बावजूद हमारी टीमें यह सुनिश्चित करती हैं कि सेवाएं बनी रहें और चलती रहें। हालांकि इस लड़ाई में कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण की चेन को तोड़ना जरूरी है, लेकिन यह भी जरूरी है कि यह चेन टूटी रहे। वहीं, लोग घरों में रहें इसके लिए हमारी सर्विस और टीम अपनी चेन को मजबूती प्रदान किए हुई है। मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स जैसे सिटी (SITI) इस मुश्किल दौर में भी अपना प्लेटफॉर्म बंद नहीं कर रहे हैं, लेकिन इन पर दबाव बनाने के बजाय इनकी सराहना की जानी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *