कलम, कागज, और कैंची-सी चलती एक जुबान

दागे गए सवाल, सवालों के जवाब

आंखों से देखे हर मंजर को दिल में गहरे उतारना

हर सुने लफ्ज की सपाट बयानी नहीं

बल्कि हर सुने लफ्ज को नाप तौलकर असलियत बयान करना

अगर आपने कुदाल चलाया है तो आप शर्तिया ही रिपोर्टर होंगे

क्योंकि खोदकर सच निकालना ही रिपोर्टिंग है

अगर आपको कभी  बेआबरू किया गया है तो आप शर्तिया ही रिपोर्टर होंगे

क्योंकि तिरस्कार करने वाले को कटघरे में खड़ा करना ही रिपोर्टिंग है

अगर आपको कभी  बेआबरू किया गया है तो आप शर्तिया ही रिपोर्टर होंगे

क्योंकि तिरस्कार करने वाले को कटघरे में खड़ा करना ही रिपोर्टिंग है

अगर आपने सर पर मैला ढोया है तो आप शर्तिया ही रिपोर्टर होंगे

क्योंकि खुद मल में तब्दील हुए, सर पर मैला ढोना ही रिपोर्टिंग है

रिपोर्टिंग तीन के बीच निकाह है — पत्रकारिता, भाषा और विद्वता

कुछ में, एक हावी साथी है, तो कुछ में, दो और कुछ में तीनों एक साथ

 फर्क इतना है कि इस निकाह-नामे में तलाक की गुंजाइश नहीं

रिपोर्टिंग अदब है.

सौंदर्य — अनदेखे-अंजाने की जुस्तज़ू में है — आमूमन बदसूरत

लुत्फ सबकी भलाई की असल कहानी बयान करने में है

रिपोर्टिंग असलियत के साथ हमबिस्तर होना है — चाहे वह असलियत कितनी मलिन क्यों ना हो

आप सपनों की काल्पनिक दुनिया में नहीं बसते

आप असलियत नाम की प्रेमी के साथ सोते हैं

आप वक्त, किरदार और तनाव को आलिंगन में लेते हैं

आप हक़ीकत के पसीने, रक्त और बेहूदगी से नफरत करते हैं

लेकिन आपका निकाह असलियत के साथ हुआ है

क्योंकि किसी को तो असलियत के चेहरे से नकाब उठाना था

रिपोर्टिंग ही असलियत है

क्योंकि किसी को तो असलियत के चेहरे से नकाब उठाना था

रिपोर्टिंग ही असलियत है

और इसलिए रिपोर्टिंग अदब है.

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