साथियों, नमस्कार. केंद्र सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को मजबूती प्रदान करने के लिए ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम‘ में संशोधन कर दिया है। यह देशभर के सभी पत्रकारों के लिए लागू हो गया है। … यदि किसी जर्नलिस्ट का निधन हो जाता है या फिर वह विकलांग हो जाता है, तो इस स्कीम के तहतContinue Reading

मंदसौर। समाजसेवी अधिमान्य पत्रकार महासंघ के जिला प्रभारी डॉ कैलाश गर्ग और जिला अध्यक्ष श्रीमान गुलाब गोयल को बनाया गया। जिसकी आदेश की प्रति आज पुलिस अधीक्षक श्रीमान सिद्धार्थ चौधरी को उपलब्ध करा कर रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दी गई। वही संगठन के पदाधिकारियों ने एडिशनल एसपी श्री मनकामना प्रसादContinue Reading

मंदसौर समाजसेवी अधिमान्य पत्रकार महासंघ भोपाल के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल जी मालवीय प्रदेश मंत्री नीलेश सोनी प्रदेश उपाध्यक्ष मोइन खान की सहमति से श्री डॉ कैलाश गर्ग हेल्थ बाइट के संपादक को जिला प्रभारी एवं जिला अध्यक्ष पद पर गुलाब गोयल संपादक सत्याशील को नियुक्त किया गया… जिसके बादContinue Reading

जनसम्पर्क विभाग द्वारा सभी शासकीय विभागों की निविदा और प्रदर्शन विज्ञापन व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया गया है, सभी विभाग अपने यूज़र आईडी का उपयोग करके dpradvt.mpinfo.org  पर भेज सकेंगे। आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि समाचार माध्यमों और शासकीय विभागों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जनसंपर्क विभाग द्वारा विज्ञापन प्रक्रियाContinue Reading

आज कल हर कोई एक ऐसा करियर बनाना चाहता है जिसमे वो कुछ रचनात्मक कर सके। एक ऐसा करियर जो उसके गुणों और काबिलियत और भी निखार दे। एक ऐसा करियर जो उसके पसंदीदा विषय से जुड़ा हो। हर किसी के लिए उसका पसंदीदा विषय अलग अलग हो सकता है।Continue Reading

छपाई की पहली मशीन भारत में 1674 में पहुंचायी गयी थी। मगर भारत का पहला अख़बार इस के 100 साल बाद, 1776 में प्रकाशित हुआ। इस का प्रकाशक ईस्ट इंडिया कंपनी का भूतपूर्व अधिकारी विलेम बॉल्ट्स था। यह अख़बार स्वभावतः अंग्रेज़ी भाषा में निकलता था तथा कंपनी व सरकार के समाचार फैलाता था। सबContinue Reading

प्रथम प्रेस आयोग ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एंव पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उद्देश्य से एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। परिणाम स्वरूप चार जुलाई 1966 को भारत में प्रेस परिषद की स्थापना की गई जिसने 16 नंवबर 1966 से अपना विधिवत कार्य शुरू किया।Continue Reading

भारत में पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना गया है। अकबर इलाहाबादी ने इसकी ताकत एवं महत्व को इन शब्दों में अभिव्यक्ति दी है कि ‘न खींचो कमान, न तलवार निकालो, जब तोप हो मुकाबिल तब अखबार निकालो। उन्होंने इन पंक्तियों के जरिए प्रेस को तोप और तलवार से भीContinue Reading

विभिन्न एलेक्ट्रॉनिक माध्यमों सहित परम्परागत रूप से प्रकाशित अखबारों को प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रेस की स्वतंत्रता कहा जाता है। किन्तु इस समस्या का एक दूसरा पहलू भी है। दुनियाभर में मीडिया कार्पोरेट के हाथ में है जिसका एकमात्र उद्देश्य अधिक से अधिक फ़ायदा कमाना है। वास्तव में कोई प्रेस स्वतंत्रता है हीContinue Reading

मानव जीवन में पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण स्थान है, भारत में पत्रकारिता का इतिहास लगभग दो सौ वर्ष पुराना है, पत्रकारिता विभिन्न माध्यम, जैसे समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, सोशल मीडिया नें  व्यक्ति से लेकर समूह तक और देश से लेकर सम्पूर्ण विश्व को एक सूत्र में बांध दिया है, यहContinue Reading