अध्यक्ष

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अनिल मालवीय, अध्‍यक्ष

 पत्रकार लोकतंत्र का ऐसा सशक्त माध्यम है, जो समाज को आईना दिखाने के साथ ही व्यवस्था को बेहतर रूप से संचालित करने में खास योगदान देता है।

 

 

संगठन में शक्ति??????

हम पत्रकारों ________ 
को बहुत कुछ सीखना है वकीलों एवं डॉक्टरों से ? पत्रकार चौथा स्तंभ कहलाता है यह चौथा स्तंभ बहुत कमजोर और जर्जर हो गया है , आए दिन पत्रकारों पर हमले और उन्हें बेवजह थानों में बुलाया जाता है ,और हमारे दूसरे पत्रकार साथी चुपचाप बैठे देखते रहते हैं , मैंने डॉक्टरों एवं वकीलों में एक बहुत अच्छी चीज देखी अगर किसी एक वकील के ऊपर कोई भी परेशानी आती है तो पूरे वकील एक हो जाते हैं और अगर ज्यादा मामला बढ़ता है तो वकील हड़ताल पर चले जाते हैं ,यह बात केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश एवं पूरे देश के वकील एक हो जाते हैं । वहीं दूसरी ओर अगर किसी जूनियर डॉक्टर या सीनियर डॉक्टर के साथ मरीज के परिजन बदतमीजी करते हैं तो सब डॉक्टर एक होकर हड़ताल पर चले जाते हैं। वकील और डॉक्टर जब हड़ताल पर जाते हैं ,और एकजुट हो जाते हैं तो सरकार को भी हस्तक्षेप करके उनकी परेशानी को सुलझाने में आगे आना पड़ता है। कुछ दिन पहले भोपाल में तीन वरिष्ठ पत्रकारों को झूठा आवेदन देकर थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया जब आला पुलिस अधिकारियों को सच का पता चला तो अधिकारियों ने मामले को रफा दफा किया । कल कोटा(राज.) मे उपद्रवियों ने एक पत्रकार की मोटरसाइकिल को जला दिया व पत्रकारो पत्थरबाजी की गई ! कितने शर्म की बात है, हम पत्रकारों के लिए वहीं दूसरी ओर कुछ पत्रकारों ने व्हाट्सएप पर उल्टी-सीधी खबरें डाल कर इन वरिष्ठ पत्रकारों का मान सम्मान धूमिल करने की कोशिश की पर कामयाब नहीं हो सके । हमारे प्रदेश में अभी तक पत्रकार अधिनियम कानून लागू नहीं हो पाया है , दूसरे राज्यों में यह अधिनियम लागू हो चुका है अगर हमारे प्रदेश के सभी पत्रकार एक हो जाए तो यह कानून बनने में दो-चार दिन का समय ही लगेगा पर, हमारे पत्रकार साथी एक नहीं हो पाते । आप लोगों को एक कड़वा सच बताता हूं , अगर कोई पत्रकार किसी अधिकारी के पास जाता है पहले से उस अधिकारी के पास अगर दूसरा पत्रकार बैठा हो तो पत्रकार साथी एक दूसरों को देख कर नाक मुंह बनाते हैं जब वह पत्रकार उठ कर चला जाता है तो फिर उस पत्रकार की बुराइयां उस अधिकारी के सामने शुरू हो जाती हैं , और यह अधिकारी खूब मजे ले – ले लेकर बुराइयां सुनते हैं और मन ही मन में खुश होते हैं और सोचते हैं की यह पत्रकार एक नहीं है। हमारे पत्रकार साथी दूसरे पत्रकारों के लिए अधिकारियों के सामने यह कहते हैं , यह पत्रकार तो फर्जी पत्रकार है , यह पत्रकार का एक छोटा सा साप्ताहिक अखबार निकालता है। 

? भाइयों पत्रकार पत्रकार होता है कोई छोटा बड़ा पत्रकार नहीं होता अगर कोई साप्ताहिक अखबार या वेबसाइट का पत्रकार किसी अधिकारी के पास जाता है तो अधिकारी उसको कोई महत्व नहीं देते , मैं आपको एक बात बताना चाहूंगा बिहार में एक ऐसा समाचार पत्र है जो 15 दिन में एक बार निकलता है उस अखबार के जो संपादक है वह 15 दिन अखबार को हाथ से लिखता है , फिर उसकी फोटो कॉपी करवा कर, लोगों , मंत्रियों और अधिकारियों को बांटता है यह अखबार का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है । अखबार कोई छोटा बड़ा नहीं होता है । दो पन्ने का अखबार हो या 48 पन्नों का समाचार पत्र रंगीन हो या श्याम श्वेत समाचार पत्रों की लेखनी एवं खबरों पर ध्यान देना चाहिये उस के पन्नों पर नहीं । जाग जाओ पत्रकारों एक हो जाओ पत्रकारों के हित में दिन के लिए समाचार पत्र मत छापों फिर देखना सरकार भी पत्रकारों की मांगों को लेकर गंभीर होगी। अगर कुछ गलत लिखा या बोला हो तो माफी चाहूंगा।

ज्ञापन पेज 01

 

ज्ञापन पेज 02
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पत्रकारिता लोक‍तंंत्र का चौथा स्‍तंभ के साथ – साथ मूल आधार भी है। पत्रकार ही अपनी कलम से लोकतंत्र को मजबूत करते है। पत्रकारिता जोखिम भरा काम है क्‍योकि सूचना इकटठा करने एवं उनको जनता के बीच पहुंचाने में कई प्रकार की बाधाओं का सामना करना होता है। पत्रकारिता में जोखिम उठाकर आगे बढकर उन तथ्‍यों को समाज के सामने, सरकार के समक्ष रखते है।

  • पत्रकारों ने कलम की विश्वसनीयता कायम की है। देश पर जब-जब संकट आया, पत्रकारों ने सकारात्मक भूमिका निभाकर हमेशा संघर्ष किया।
  • समाज के लिए पत्रकारिता की भूमिका अहम है। पत्रकारिता पेशा नहीं, पैशन होना चाहिए।
  • समाचार पत्र अच्छे सुझाव देकर हमेशा देश के विकास को नया आयाम देते हैं। गरीबों को न्याय दिलाने में पत्रकारों की भूमिका अहम होती है।
  • पत्रकार समाज के प्रहरी होते हैं। लोग पत्रकारों पर विश्वास करते हैं, जिसे कायम रखने की ़िजम्मेदारी पत्रकारों की बनती है।
  • दबाव में भी कर्तव्यों का पालन करना कठिन चुनौती होता है। पत्रकारों के लिए ऐसा कानून बनना चाहिए, जिससे उनके जीविकोपार्जन केे साधन जुट सके।
  • पत्रकार देश के लिए बड़ी ़िजम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन उनके लिए कोई मजबूत व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके लिए केन्‍द्रीय एवं प्रदेश की सरकारों को प्रयास करने चाहिए।
  • पत्रकारिता कठिन कार्य है। पत्रकार ही है, जो समाज की बुराई को आइना दिखाता है।
  • पत्रकार की कलम से लिखी प्रत्येक लाइन लोगों के दिल में बस जाती है। पत्रकार को इस विश्वास के साथ न्याय करना होगा

 

 

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